Maghrib Ki Namaz Ke Baad Ki Tasbeeh | मगरिब की नमाज

Assalamualaikum, आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगे की maghrib ki namaz ke baad ki tasbeeh क्या है ।

इस आर्टिकल में आप खास इनफॉरमेशन ले पाएंगे की आप मगरिब के बाद कोन सी खास तस्बीह पढ़ सकते हैं और एक वजीफा भी में आपको इसी आर्टिकल में बताऊंगी जोकि आप मगरिब के बाद ही करिएगा तो देखेंगे की आपके सभी काम हल होंगे ।

इस तस्बीह की बहुत बड़ी फजीलत है । इस तस्बीह को आप जब मगरिब की नमाज के बाद पढ़कर दुआ करते हैं तो आपके सभी रुके हुए काम अल्लाह ताला आसान बना देता है।

और तो और इस तस्बीह की इतनी बड़ी बड़ी फजीलतें हैं की आप जानकर हैरान रह जाएंगे ।

इसलिए इस आर्टिकल maghrib ki namaz ke baad ki tasbeeh को अच्छे से और लास्ट तक पढ़िए ताकि आप पूरी इंफ्रोमेशन डिटेल में जान सकें ।

Maghrib Ki Namaz Ke Baad Ki Tasbeeh :

दोस्तों जब भी आप मगरिब की नमाज अदा करें तब आप यह तस्बीह जरूरपढ़ें। इस तस्बीह को पढ़ने के कई सारे फायदे हैं और यह तस्बीह पढ़ने में ज्यादा वक्त भी नहीं लगता है।

यह एक बहुत ही कामयाब और बेमिसाल तस्बीह है जिसका तो मगरिब की नमाज के बाद कोई और तस्बीह नहीं कर सकती।

जब आप इस तस्बीह को मगरिब की नमाज के बाद पढ़ते हैं तब अल्लाह ताला आपकी और मुतावज्जो हो जाता है।

और कहता है कि “ए मेरे बंदे तुझे जो मांगना है तू मांग ले।” अल्लाह ताला के नाम में से ही यह एक नाम है, कि जब आप इस नाम को अल्लाह ताला की ओर अपने दिल से पुकारते हैं तब अल्लाह ताला आपकी दुआओं को कुबूल करने के लिए आपकी और मुताबिज्जू होता है।

वह एक बेमिसाल अल्लाह का नाम यह है :

याबासितू

याबासितू

  • इस नाम की मगरिब की नमाज के बाद एक तस्बीह पढ़ा करें और इसके फायदे यह हैं;
  • दोस्तों जब भी आप मगरिब की नमाज के बाद इस नाम की एक तस्बीह रोजाना पढ़ते हैं तो आपके घर में बेशुमार दौलत भेजी जाती है।
  • इस तस्बीह पढ़ने वाले के घर से सभी बालाएं टल जाती हैं।
  • इस तस्बीह पढ़ने वाले के लिए अल्लाह ताला सभी कामों में आसानी फरमाते हैं।
  • यह तस्बीह पढ़ने वाली के लिए हल रिस्क भेजा जाता है।

Maghrib Ke Baad Ka Wazifa :

जब भी आप मगरिब की नमाज़ पढ़े उसके बाद यह वजीफा जरूर कर ले। यह वजीफा बहुत ही आसान है और बहुत ही छोटा सा है इसमें सिर्फ थोड़ा ही वक्त लगता है।

इस वजीफा का सबसे बेहतरीन और सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपको इज्जत से भरी जिंदगी देता है ।

अगर आप एक इज्जतदार जिंदगी जीना चाहते हैं तो इस वजीफा को अपना मामूल बना ले ।

इस वजीफा को करने में सिर्फ 1 मिनट ही लगती है तो इवजीफे को हर मगरिब की नमाज के बाद जरूर पढ़ें।

इस वजीफा को करने का तरीका यह है की सबसे पहले आपको तीन मर्तबा दुरूद शरीफ अव्वल आखिर जरूर पढ़ना है और 9 मर्तबा आपको यामुईजु पढ़ना है ।

और इसके बाद आपको दुआ करनी है । सिर्फ इतना करने से आपके कई अधूरे काम पूरे हो जाते हैं और इज्जत भरी जिंदगी बसर करेंगे।

Note :

जब भी आप मगरिब की फर्ज नमाज अदा करें तब यह बात जरूर ध्यान में रखें।

की जो भी बंदा हर फर्ज नमाज या फिर मगरिब की फर्ज नमाज के बाद यह तीन लव्स कह देगा तो अल्लाह ताला उस पर से जहन्नुम का अज़ाब हटा देंगे।

यह बहुत ही आसान है , सिर्फ और सिर्फ एक मिनट लगती है इस चीज को बोलने में । यह कुछ चंद लव्स आपको जहन्नुम के आजाब से छुटकारा दिला देंगे।

जब आप इन तीन लफ़्ज़ों को दिल से दोहराते हैं और हर रोज मगरिब की फर्ज नमाज अदा करके अपने लिए दुआ करते हैं तो जरूर अल्लाह ताला आपकी दुआ सुनता है।

अल्फाज है :

अल्लाहुम्मा अजरनी मिनन्नार

अल्लाहुम्मा अजरनी मिनन्नार

इन चंद अल्फाजों को पढ़कर आप जहन्नुम के आजाब को अपने ऊपर हराम पाएंगे। यानी कि आपको जहन्नुम की गर्मी और आजाद से महफूज रख दिया जाएगा।

FAQ :

मगरिब की नमाज में कितनी रकात होती हैं ?

मगरिब की नमाज में 6 रकात होती हैं ।

Konsi Namaz Me Sajde Me Dua Kare?

नाफिल नमाज़ में सजदे में दुआ करें ।

मगरिब के बाद कोन सी नमाज होती है ?

मगरिब के बाद ईशा की नमाज होती है ।

Conclusion :

इस आर्टिकल maghrib ki namaz ke baad ki tasbeeh में दिए गए वजीफा और तस्बीह आप सभी के लिए बहुत फायदेमंद है। जब आप मगरिब की नमाज के बाद में वजीफा और तस्बीह को पढ़ते हैं तो अल्लाह ताला आपसे खुश होता है। ।

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फि अमान अल्लाह !

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