Surah Kausar in Hindi | सूरह कौसर हिंदी में

अस-सलामु अलयकुम दोस्तों आज मैं इस आर्टिकल में आपको surah kausar को हिंदी में बताऊंगी और surah kausar ki fazilat in hindi इसके बेनिफिट्स और उसके क्या-क्या वजीफे है ये सब आप इस आर्टिकल में step by step जानेगे।

सूरह कौसर साथ साथ अरबी , उर्दू और इंग्लिश भाषा में आपको कोई परेशानी न हो तो चलिए जानते है surah kausar padhne ke fayde और फ़ज़ीलत।

सूरह कौसर हिंदी में पढ़े : :

सूरह कौसर मैंने निचे सभी लैंग्वेजेज में दिया है जिसको आप अपनी सहूलियत के हिसाब से पढ़ सकते है।:

Surah Kausar in Hindi :

सूरह कौसर हिंदी में पढ़े :

surah kausar hindi mein

Surah Kausar in English :

सूरह कौसर इंग्लिश में पढ़े :

surah kausar in roman english

Surah Kausar in Arabic :

सूरह कौसर अरबी में पढ़े :

surah kausar in urdu

Surah kausar ki Fazilat :

सूरह कौसर पढ़ने की बहुत बड़ी फजीलत है या इसको सुनने की भी इसके बहुत सारे फायदे जैसे की तंग दस्ती से निजात और रिस्क मिलता है।

जो शख्स रात को ईशा के टाइम 11 बार सूरह कौसर को पढ़ेगा उस शख्स के पास किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होगी बेशुमार दौलत और हर चीज की कमी पूरी होगी जो आदमी इसको रोज 101 बार पड़ेगा उसकी हर जायज दुआ कबूल होगी !

जो शख्स इसको रोजाना 786 बार पड़ेगा उसके घर में कभी भी तंग दस्ती नहीं आएगी यानी की कभी भी गरीबी नहीं आएगी और जो औरत खान बताते वक्त सूरह कौसर पड़ेगी उसके खाने में बहुत ज्यादा बरकत होगी।

Surah Kausar Benefits :

सूरह कौसर कौसर की असली मैं कश्मीर से है (बहुत ज्यादा चीज) लेकिन यहां हजरत अनस रज़ी अल्लाह की रिवायत है कि यह जन्नती की कौशल नाम की जन्नत की एक नहर है जिसमें हुजूर सल्ला वसल्लम के उम्मती पानी पियेंगे

Surah Kausar ka Wazifa :


सूरह कौसर को रोजाना 129 बार पढ़ने से रिजक में कभी भी तंगी नहीं होती उसको बेशुमार दौलत मिलती है और रिस्क में बरकत होती है सूरह कौसर को पढ़ने से पहले और बाद में दरूद पाक जरूर पढ़नी चाहिए

Surah Kausar kab Nazil Hui :

जिस शख्स का कोई लड़का ना हो उसको अरब के लोग अब्तर कहां करते थे और ये गुमान करते थे कि मरने के बाद उसका कोई नाम और निशान नहीं रहता और उसका कोई नाम लेने वाला नही रहेगा।

जब हजूर साल्ला हु अलाई वा सल्लम के दोनों साहिबजादओ का इंतकाल हो गया था तो मक्का के मुश्रिकीन में खुशी की लहर दौड़ गई तभी यह सूरत नाजिल हुई।

इस्लाम के दुश्मन कहते थे कि नबी पाक का नामो निशान मिट जाएगा लेकिन हकीकत यह है आपका नाम और निशान कयामत तक बाकी रहेगा

बेटो के बाकी ना रहने से अल्लाह की ये हिक्मत थी के आमतौर पर पैगम्बर के बाद उसकी औलाद को पैगम्बरी से नवाजा जाता था जबकि रसूलुलाह सल्लाहु अलै वसल्लम पर नबिया का सिलसिला खत्म हो चुका था अगर बेटे जिंदा रहते तो गलतफहमी हो सकती थी और जिन लोगों के दिल मे इफरात व तफरीत थी वो इस किस्म का मसला खड़ा कर सकते थे इसलिए अल्लाह की ही तरफ से ही बेटो में से कोई औलाद बाकी नही रखी गई

आज इस हकीकत को देखा जा सकता है कि रात दिन लोग हुजूर सल्ला वसल्लम पर दरूद पाक भेजते रहते हैं और आपके पैगम्बर होने की गवाही दे रहे हैं आज दुनिया के एक अब से ज्यादा इंसानों के लिए सबसे प्यारा और महबूब नाम हजरत मुहम्मद सल्लाहू अलई वसल्लम है।

अगर उन लोगों को जोड़ा जाए जिनका नाम मोहम्मद और अहमद हैं तो उनकी तादाद करोड़ों में हो

आयशा रज़ी अल्लाह अल्लाह ने कहा है कि कौसर एक नहर का नाम है जो तुम्हारे नबी को भेंट की गई है जिसके दोनों किनारे मोती के हैं और बर्तन आसमान की संख्या के सितारों के समान है ,इब्ने अब्बास रजि अनहा ने कहा है की कौसर वह भलाई है जो अल्लाह ताला ने हुजूर सल्लल्लाहु सलाम को प्रदान की है।

FAQ :

सूरह कौसर कब पढ़ना चाहिए?

सूरह कौसर को फ़ज़्र की नमाज़ के बाद ज्यादा पढ़ना चाहिए।

सूरह कौसर में किस नबी की फजीलत बयान की गई है ?

हमारे नबी पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की फ़ज़ीलत बयान की गई है।

सूरह कौसर का मतलब क्या है ?

सूरह कौसर सबसे छोटी आयत है इसके मायने कसीर शेय से है।

Aapne kya Sikha :

आज मैंने आपको surah kausar hindi में और सूरह कौसर की फजीलत के बारे में बताएं आप लोग इस पर इस पर अमल कीजिए और इसे अपनी रोज की जिंदगी से शामिल कीजिए आपकी जिंदगी खुश गवार हो जाएगी।

उम्मीद है ऊपर दी गई surah kawthar पर दी गई इनफार्मेशन आपके सभी सवालो की जवाब मिल जायेगे , ऐसी ही जानकारी के लिए बने रहे मेरी इस वेबसाइट iftarkidua .com पर।

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