Jumma Ke Din Ka Darood Sharif in Hindi | दुरूद शरीफ

Assalamualaikum दोस्तों, इस आर्टिकल में बहुत ही बेहतरीन और खास टॉपिक पर बात करेंगे जिसका नाम है jumma ke din ka darood sharif in hindi

जैसा कि आप सबको मालूम है कि जुम्मे के दिन दरूद शरीफ यानी कि हुजूर ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ,सरकार दो आलम पर सलाम भेजना कितना बेहतरीन अमल है।

हदीस में आता है कि जो भी शख्स जुम्मा के दिन कसरत से दरूदे पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर भेजता है अल्लाह सुभान अल्लाह और हमारे हुजूर उससे बेहद खुश होते हैं।

एक हदीस यह भी है कि जो भी शख्स हमारे हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर सलाम पेश करता है तो हमारे हुजूर उसको खुद बैठकर सुनते हैं और उसका जवाब भी देते हैं।

तो आज के इस आर्टिकल मैं आपको jumma ke din ka darood sharif in hindi बताने वाली हूं। और इसी केसाथ-साथ jumma ke din ka darood sharif पढ़ने के कुछ खास फजीलत भी बताऊंगी।

jumma ke din ka darood sharif in hindi

जुम्मा के दिन दुरूद शरीफ पढ़ने तो बहुत फायदे हैं और उनमें से सबसे बड़ा फायदा है की हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उसे बेहद पसंद करते हैं और वो उनके सबसे नजदीकी बंदों में शुमार रहता है ।

darood Sharif in hindi

दुरूद शरीफ हिंदी में पढ़ें ;

बिस्मिल्लाहीर रहमानिर रहीम
अल्लाहुम सल्ली अल्ला मुहम्मदीन व अल्ला आली मुहम्मदीन कमा सल्ल्ल्यता अल्ला इब्राहीमा व अल्ला अल्ली इब्राहीमा इन्नका हमिदुन मजिद,
अल्लाहुम्मा बारीक़ अल्ला मुहम्मदीन व अल्ला आली मुहम्मदीन कमा बर्क्ता अल्ला इब्राहीमा व अल्ला आली इब्राहीमा इन्नका हमिदुन मजिद

दुरूद शरीफ इन हिंदी

darood Sharif in english

दुरूद शरीफ इंग्लिश में पढ़ें ;

Bismillahir rahmanir Rahim
Alahum Salli Ala Muhamdin Wa Ala Ali Muhammdin Kama Salyata Ala Ibrahim WAlla Ali Ibrahima Inkka Hamidoon Majid,
Allhuma Barik Alla Mudmmdin W Alla Ali Muhammdin Kmaa Barkta Ala Ibrahima W Alla Ali Abrahima Inkka Hamidoon Majid.

दुरूद शरीफ की फोटो

Durood shareef ki fazilat

Durood शरीफ पढ़ने की बहुत सारी फजीलतें है । इसको पढ़ने के कई फायदे हैं ।

जैसे की ;

  • नमाज में तो दरूद शरीफ पढ़ने के कई फायदे हैं नमाज में दरूद शरीफ पढ़ना लाजमी है।
  • नमाज के अलावा भी अगर आप दुरूद शरीफ की तिलावत रोजाना करते हैं तो अल्लाह ताला और हमारे नबी पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बेहद खुश होते हैं।
  • जो भी रोज आना दुरूद शरीफ के तिलावत ज्यादा से ज्यादा करेगा उसकी दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी मिलेगी।
  • एक हदीस में आता है कि हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि जो भी शख्स मेरे लिए रोजाना दरूदे पाक की तिलावत ज्यादा से ज्यादा करेगा वह मेरा दीदार कयामत के दिन करेगा।
  • हदीस के अनुसार एक बार दरूदे पाक पढ़ने से आपको 10 नेकियाँ मिलती है यानी कि जब आप 10 बार दरूद शरीफ पड़ेंगे तो आपको सो नेकियाँ मिलेगी ।
  • एक हदीस में यह भी आता है कि जब भी आप कोई चीज भूल जाते हैं तो उसे याद करने के लिए दुरूद शरीफ की तिलावत करना शुरू कर दे वह चीज याद आ जाती है।
  • दरूद शरीफ की रोजाना तिलावत से आपका दिमाग तेज होता है।
  • दुरूद शरीफ हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लिए एक सलाम है। जब भी आप दुरूद शरीफ पढ़कर उनके नाम पर भेजते हैं तब हुजूर पाक सल्लाल्हू अलिही बहुत खुश होते हैं ।

jumma ke din ka darood sharif ki fazilat

जुम्मा के दरूद शरीफ पढ़ने की भी बहुत बेहतरीन फजीलत है क्योंकि और दिनों से अलावा जुम्मा का दिन बहुत ही खास होता है।

ऊपर जो दरूद शरीफ पढ़ने की फजीलत है बताई गई है उनसे अलावा कुछ फजीलत यह है ;

  • जो भी शख्स जुम्मा के दिन हज़ूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लिए दुरूद शरीफ ज्यादा से ज्यादा बढ़कर पढ़ेगा वो शख्श आखिरत के दिन हमारे हुजूर के नजदीक होगा।
  • जितनी ज्यादा तादाद में आप दरूद हुजूर पर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर बक्सेंगे उतना ही आपके गुनाह माफ होंगे और आप अल्लाह और हुजूर के खास बंदों में शुमार होंगे।
  • दरूदे पाक की तिलावत करते रहने से आपके घर में कोई भी बलाह नहीं आ सकती।
  • दुरूद ए पाक की तिलावत करते रहने से आपकी रोजी-रोटी में बेहद बरकत बनी रहती है।
  • जुम्मा के बेन असर की नमाज के बाद अपनी जगह पर बैठे रहकर 80 मर्तबा दुरूद शरीफ पढ़ने से आपके 80 साल की गुनाह माफ हो जाते हैं ।

FAQ


नबी को सलाम कैसे बोलते हैं?

अल-सलामु अलैका अय्युहा’ल-नबियु वा रहमतुल्लाहि वा बरकातुहू।

दरूद शरीफ कुरान में है?

नही , दुरूद शरीफ कुरान में नहीं है ।

दुरूद ए सलाम क्या है?

दुरूद e सलाम को durood shareef भी कहते हैं , इस पर हुजूर पाक सल्ललाहु अलीही वसल्लम पर सलाम भेजना है ।

Which dua is darood sharif?

Durood e ibrahim also known as durood e salaam

जुम्मे के दिन कौन सी दरूद शरीफ पढ़ने चाहिए?

Durood e ibrahim पढ़ें।

Conclusion

मैं इस आर्टिकल में आप सभी के लिए इस आर्टिकल में jumma ke din ka darood sharif in hindi और किसी के साथ-साथ चुम्मा के दिन दुरूद शरीफ पढ़ने की फजीलत है भी बयान की है।

ताकि आप जुम्मा के दिन ज्यादा से ज्यादा durood shareef की तिलावत कर सकें ।

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फि अमान अल्लाह !

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