Assalamualaikum, आज का टॉपिक है zil hajj ki dua in hindi । अगर आप भी हज के महीने की दुआएं ढूंढ रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।
इस आर्टिकल zil hajj ki dua in hindi में आप जानेंगे zil hajj ki dua के साथ-साथ हज के महीने की फजीलत और हज से जुड़ी कुछ खास बातें।
Dhul Hijjah :
हज का महीना सारे महीना में से हम महीना है। क्योंकि इसकी बहुत ही खास फजीलत है। जिस तरह से रमजान का महीना बहुत खास है इस तरह से हज का महीना भी बहुत ही खास होता है।
इस महीने के रोजे रखने वालों के लिए बहुत खास इनाम है। हज के दिनों में की जाने वाली इबादत हज करने के बराबर सवाब देती है।
Zil Hajj ki Dua in Hindi :
हज के दौरान या फिर मैं कहूं हज के महीने में पढ़ी जाने वाली कुछ खास दुआएं हैं जिनकी वजह से अल्लाह ताला आपसे बहुत राजी रहता है और आपको हज के बराबर सवाब देता है।
لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ، لَبَّيْكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَبَّيْكَ، انَّالْحَمْدَ، وَالنِّعْمَةَ، لَكَ وَالْمُلْكَ، لا شَرِيكَ لَكَ
Labbayka Allahumma labbayk. Labbayk la shareeka laka labbayk. Inna al-ḥamda, wa n-‘imata, Laka wal mulk. Lā shareeka lak.
Pehla Ashra :
हज के महीने की पहले 10 दिनों को हमारे प्यारे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूरे साल के दिनों में से अफजल बताया है।
यह शुरू के 10 दिन रमजान के दिनों से भी ज्यादा अफजल होते हैं। इसलिए जितना हो सके इसमें अल्लाह के लिए इबादत करें ।
Dua for Fast During Dhul Hijjah :
हज के महीने में रोजे रखना बहुत अच्छा है। पूरे साल की दिनों के बराबर यह अफजल दिन माने जाते हैं और हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का फरमान है की जो हज के दिनों में रोजे रखता है अल्लाह ताला उसके घर में खैरो बरकत भेज देते हैं।
हज के महीने के पहले 10 दिनों में रोजा रखना बहुत ही बेहतरीन है और खास तौर पर आरफा के दिन रोजा रखना बहुत ही खास है।
Dua For the Day of Arafah :
हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया की जो दुआ आरफा के दिन मांगी जाए वह दुआ सबसे बेहतरीन है।
तो जब भी आप हज के दौरान कोई दुआ मांगे खासकर तवाफ के दिन, तब कब की तरफ रुख कर कर अपने दोनों हाथ अल्लाह की तरफ उठाकर अपने दिल से दुआ करें तो इस कालीमत को जरूर पढ़ें :
Hajj ki Takbeer :
यह हर मुसलमान पर वाजिब है कि वह 9 से लेकर 13 dhul hijjah तक इस तकबीर को पढ़े ।
फजर की नमाज के बाद इस तकबीर को जरूर पढ़ें। तकबीर है :
Hajj ki Takbeer in Roman English :
हज की तकबीर रोमन इंग्लिश में।
Zil Hajj ki Fazilat :
Zil hajj ki fazilat बहुत ही खास और एहम है । हज के महीने के पहले 10 दिन बहुत ही खास और हम हैं जिनको हमारे प्यारे सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कुछ इस तरह बयां किया है कि पूरे साल के दिनों में से सबसे अफजल हज के महीने के पहले 10 दिन है (रमजान के महीने के दिनों से भी ज्यादा अफजल यह 10 दिन माने जाते हैं) ।
हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फरमाते हैं कि अगर किसी ने भी हज के महीने के पहले अशरे यानी पहले दस दिनों में से एक रोजा भी अगर रखा तो उसको अल्लाह ताला पूरे साल के रोजे के बराबर सवाब देंगे ।
और एक और बयान है कि अगर किसी भी उम्मती ने पहले 10 दिनों की कोई भी रात में से एक रात भी अगर इबादत में गुजरी तो अल्लाह ताला उसको शबे बरात की इबादत जितना सवाब आता करेंगे।
Zil Hajj ki Ibadat :
जिल हज की इबादतों में पहले अशरे की गई इबादत का बेशुमार सवाब है ।
लेकिन इसमें से भी तीन दिन बहुत ही खास हैं जिसमे आप अगर इबादत करते हैं तब आप अपने अगले पिछले गुनाह माफ कर लेते हैं ।
वो तीन दिन है योम ए तरबिया यानी हज के महीने की 8 तारीख
यौम ए आरफा यानी जिल हज के महीने की 9 तारीख और
यौम ए नहर यानी की हज के महीने की 10 तारीख ।
इन तीन खास दिनों में जो भी उम्मति इबादत करेगा और रोज रखेगा अल्लाह ताला उसको बेशुमार सवाब देंगे ।
9 Zil Hajj ki Tasbeeh :
जैसा की मैने अभी कहा है , हज के महीने की 9 तारीख यानी की यौम ए आरफा एक बहुत ही अफजल दिन है ।
इस दिन और इसकी शब में जो भी उम्मति इबादत करता है और दिल से अपने गुनाहों की माफी मांगता है अल्लाह उसकी मगफिरत बेशक फरमाता है ।
यह एक ऐसा दिन है जिसमे अल्लाह अपने बंदों को बेशुमार मगफिरत बक्शता है ।
इस दिन में आप ज्यादा से ज्यादा इस तस्बीह का विद्र करें और अल्लाह से अपनी मगफिरत के लिए दुआ करें , अल्लाह बेशक आपको माफ फरमाएगा ।
इस तस्बीह को आप पहले अशरे कसरत के साथ पढ़ें और 9 zil hajj ko और ज्यादा पढ़ें।
तस्बीह है :
Hajj ki Ahmiyat :
इस्लाम में हज की बहुत बड़ी अहमियत है । जिस भी मुसलमान पर इतनी दौलत हो की वो हज को जा सके तो उसपर अपने जिंदगी में एक बार हज करना जरूर फर्ज है ।
वैसे तो अल्लाह जिसको चाहे उसको अपने घर बुला ही लेता है ।
हज इसलिए सभी के लिए अहमियत रखता है क्योंकि अल्लाह ने हज एक जरिया बनाया है जिससे इंसान अंदर तक पाक हो जाता है यानी की अपने सभी गुनाहों से निजात पा लेता है ।
और अपने अमाल में इज़ाफ़ा कर लेता है ।
FAQ :
Dhul Hijjah Konsa Mahina Hai?
Dhul hijjah इस्लामिक कैलेंडर का आखिरी महीना होता है ।
Haj ke Dauran Kya Padhe?
लब्बैका अल्लाहुम्मा लब्बैक, लब्बैका ला शरीका लका लब्बैक, ईन्नल-हम्दा वन्नि’ मता लका वल-मुल्क, ला शरीका लक।
9 Zil hajj ki Tasbeeh Konsi Hai?
Subhanalllahi walhamdulillahi wala ilaha illallahu Walla hu Akbar ।
Conclusion :
इस आर्टिकल Zil Hajj ki Dua in Hindi में आप सभी के हज के महीने से रिलेटेड कई डेटिल्स बताई गई हैं ।
और इस महीने में पढ़ी जाने वाली कई दुआ भी बताई हैं जैसे की hajj ki dua और भी बहुत कुछ ।
उम्मीद है की आप सभी के दुआएं समझ आ गई होंगी । अगर आप इस आर्टिकल zil hajj ki dua in hindi से रिलेटेड कुछ पूछना चाहते है तो मुझे कमेंट कर सकते है। ऐसे ही आर्टिकल के लिए बने रहे मेरी वेबसाइट पर ।
फि अमान अल्लाह !
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